पुराने प्रकोष्ठों के पुर्नबहाल करने से होगा संगठन मजबूत : रामचन्द्र प्रसाद सिंह, संगठन की मजबूती के लिए फिर से करेंगे काम, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्णय को सराहते हुए दिया धन्यवाद, पीएम व सीएम जब कहेंगे छोड़ दूंगा केन्द्रीय मंत्री का पद…..

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पटना डेस्क :-

जदयू नेता और केंद्रीय इस्पात मंत्री रामचन्द्र प्रसाद सिंह ने झारखंड जदयू प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो को राज्यसभा सीट दिए जाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया।
मीडिया से वार्ता के दौरान आरसीपी सिंह ने जहां नीतीश कुमार की तारीफ की वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की खिंचाई भी की।
उन्होंने प्रदेश में 33 प्रकोष्ठ की जगह 12-13 प्रकोष्ठ बनाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को संगठन की मजबूती के लिए पहले के प्रकोष्ठों को फिर बहाल करने व बड़े प्रकोष्ठों में उत्तर बिहार व दक्षिण बिहार अलग करने की बात कही। उन्होंने ने दावा किया कि उन्होंने जदयू को बूथ स्तर तक पहुंचाया और राज्य के सामाजिक ताना-बाना को देखते हुए पार्टी के 33 प्रकोष्ठ बनाए।
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष पर उन्होंने इस बात के लिए नाराजगी जताई कि 33 प्रकोष्ठ को 12-13 पर लाकर सीमित कर दिया गया। उन्होंने कहा की 33 से 53 करना चाहिए था , न कि उन्हें कम करके 12-13 पर लाना था।
आरसीपी सिंह ने ऐलान किया कि वह शुरू से ही पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। अब एक बार फिर से पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी वह पार्टी में हैं, आगे भी पार्टी में बने रहेंगे। हमने जितने निर्णय लिए उसके पीछे संगठन ही है। सारे निर्णय नीतीश कुमार की सहमति से ही लिए हैं।
उन्होंने कहा कि हमको अब संगठन में काम करना है। संगठन कैसे मजबूत हो इस पर फोकस करना है।
इसके साथ ही आरसीपी सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को गठबंधन का मजबूत सहयोगी बताते हुए कहा कि 303 एमपी होने के बावजूद बीजेपी ने उन्हें मंत्री बनने का मौका दिया, यह बीजेपी का बड़प्पन है। मंत्री बने रहने के सवाल पर आरसीपी सिंह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है.।
नीतीश कुमार की इच्छा से केंद्र सरकार में मंत्री बने हैं। पार्टी और प्रधानमंत्री का जो आदेश होगा उसका तत्काल पालन करेंगे।
अपने बयान में आरसीपी सिंह ने कहा कि अब वह संगठन के लिए काम करेंगे। वर्ष 2010 से वे लगातार संगठन को मजबूत करने में लगे थे। बीच के कुछ दिनों में उन्हें मंत्री बनाया गया। एक बार फिर उनके पास संगठन को ताकतवर बनाने का मौका है। आरसीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनका 25 वर्षों का संबंध है।
नीतीश कुमार के सहयोग से वे 12 सालों तक राज्यसभा के सदस्य रहे, राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और केंद्रीय मंत्री बने। इसलिए टिकट नहीं मिलने से नीतीश कुमार के प्रति कोई नाराजगी नहीं है। एक सवाल के जवाब में आरसीपीसी ने कहा कि ललन सिंह से उनका कोई मतभेद नहीं है। ललन सिंह लोकसभा के सदस्य हैं और वे खुद राज्यसभा के। इसलिए दोनों के बीच कोई झगड़ा नहीं है। खीरू महतो के नामांकन में जाने के सवाल पर कहा कि अगर बुलाया जाएगा तो अवश्य जाएंगे।
इस बीच, केंद्र सरकार में जदयू के प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन के दावे को आरसीपी ने खारिज कर दिया। इस मसले पर वे भाजपा के पाले में खड़े दिखे। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव में बीजेपी को 181 सीटें मिली जो 2019 के चुनाव में बढ़कर 303 हो गईं।
ऐसे में बीजेपी ने जदयू को मंत्रिमंडल में स्थान दिया, यह उनका का बड़प्पन है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार मेरे बारे में अच्छा सोचते हैं। राज्यसभा चुनाव को लेकर उनका निर्णय भी अच्छा ही होगा।
थोड़े भावुक अंदाज में आरसीपी सिंह ने बताया कि समाचार माध्यमों से पल-पल की जानकारी मिलने पर पार्टी के कार्यकर्ता लगातार उन्हें फोन करके टिकट मिलने के बारे में पूछ रहे थे और अपनी राय भी व्यक्त कर रहे थे। यह पार्टी के अंदर उनकी लोकप्रियता का पैमाना है और यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि आरसीपी कार्यकतार्ओं के दिल में बसते हैं।
इस मौके पर उनके साथ शिक्षाविद डॉ. कन्हैया सिंह, प्रदेश महासचिव अनिल कुमार, डॉ विपीन कुमार यादव, परमहंस कुमार, अरुणा देवी,अभय कुशवाहा, धर्मेन्द्र कुमार सिंह, चंदन सिंह, प्रदेश सचिव राजेश्वर चौहान, प्रदेश प्रवक्ता प्रगति मेहता, सुहेली मेहता, जिला अध्यक्ष भागलपुर पंचम श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष जमुई ई. शंभू शरण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र नीरज, मनोज कुमार, विरेन्द्र सिंह, विपिन सिंह, सन्नी पटेल, डॉ. प्रभात चन्द्र, प्रवीण चन्द्रवंशी, संजय मलाकार, उपेन्द्र विभूति, श्याम पटेल, अंकित तिवारी, मोहित प्रकाश,शादाब आलम, डॉ. ललिता, विजय शर्मा, राजेश पाल,अजय पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्रदेव पटेल, राजकिशोर सिंह,भगीरथ कुशवाहा, ईरशाद अली, अमर कुमार सिन्हा, अरविन्द घोष,आसीफ कमाल, सत्येन्द्र सिंह, सत्येन्द्र कुशवाहा, धीरज पांडेय, प्रीतम सिंह, संजीत राय, अविनाश साह,श्यामाकांत पांडेय, उपेन्द्र शास्त्री, राकेश पटेल, राजीव रंजन,निरंजन कुमार, सुनीता पटेल, नेहा निश्चल, अमित सिंह, नसरीम बानो,जमाल अंजुम, सौरव यादव, रजिया खातुन सहित सैकड़ो की संख्या में जदयू के नेता कार्यकर्ता मौजूद थे।

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