ताज़ा ख़बर

10/09/2021

भारतेंदु ने अंगुली पकड़ कर ‘हिन्दी’ को चलना सिखाया, राजा जी ने ऋंगार किया, साहित्य सम्मेलन में भारतेंदु और राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह की जयंती मनाई गई, हुई लघुकथा-गोष्ठी…..

  पटना डेस्क :- आधुनिक हिन्दी के रूप गठन में, महान साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चन्द्र का योगदान अभूतपूर्व है। विद्वान इतिहासकार मानते हैं कि ये भारतेंदु ही […]
04/09/2021

आह्लादकारी है चिकित्सा विज्ञान की मानस-भूमि से काव्य-साहित्य की उत्पत्ति, डा धीरेंद्र कुमार सिंह के मैथिली काव्य-संग्रह ‘कदमों के निशान’ के हिन्दी अनुवाद का लोकार्पण, विद्वान अनुवादक पं भवनाथ झा का हुआ अभिनन्दन…..

  पटना डेस्क:-  कोई चिकित्सक, अभियन्ता, पुलिस अधिकारी या वैज्ञानिक यदि काव्य-साहित्य में रूचि रखता है, तो यह साहित्य संसार के लिए प्रसन्नता का विषय है। […]
04/09/2021

बिहार के जाने – माने शिक्षाविद डॉ. शंकर प्रसाद 5 सितंबर को होंगे सम्मानित…..

  पटना :- पटना विश्वविद्यालय कल शिक्षक दिवस के मौके पर सीनेट हॉल में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अपने सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित करने […]
01/09/2021

डा दीन के काव्य में ही नहीं प्राण में भी कबीर थे, डा उषा रानी जी वैदुष्य और वात्सल्य की संज्ञा ही थी, साहित्य सम्मेलन में दोनों साहित्यिक-युगल को श्रद्धापूर्वक किया गया स्मरण, डा मंगला रानी की पुस्तक ‘अक्षर मोती का नज़राना’ का हुआ लोकार्पण…..

  पटना डेस्क :- स्तुत्य कवि और शिक्षाविद प्रो सीताराम ‘दीन’ हिन्दी के एक ऐसे महान कवि हुए, जिनके काव्य में ही नही, प्राण में भी […]